रायपुर, 24 जुलाई 2026। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है। राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक पर रविवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने 12वीं बोर्ड के हिंदी विषय के कथित पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन किया और राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा से जुड़े मामलों में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त और प्रभावी कानून बनाने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग की।
इस प्रदर्शन को राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) का भी समर्थन मिला। संगठन के कार्यकर्ता छात्रों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए और उनकी मांगों का समर्थन किया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने री-नीट परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के बाद आत्महत्या करने वाली हरिका राव के परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
