• Home  
  • डिजिटल सुशासन में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, सेवा सेतु से AI तक नई पहचान
- छत्तीसगढ़ - देश-विदेश

डिजिटल सुशासन में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, सेवा सेतु से AI तक नई पहचान

रायपुर, 23 जुलाई। छत्तीसगढ़ सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग डिजिटल तकनीकों के माध्यम से सुशासन को नई मजबूती देने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। सेवा सेतु पोर्टल, भारतनेट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल कनेक्टिविटी और नवाचार आधारित योजनाओं के जरिए नागरिकों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा […]

रायपुर, 23 जुलाई। छत्तीसगढ़ सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग डिजिटल तकनीकों के माध्यम से सुशासन को नई मजबूती देने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। सेवा सेतु पोर्टल, भारतनेट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल कनेक्टिविटी और नवाचार आधारित योजनाओं के जरिए नागरिकों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम, अटल नगर (नवा रायपुर) में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद और सीईओ चिप्स मयंक अग्रवाल ने विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य तकनीक आधारित प्रशासन और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सेवा सेतु बना सबसे बड़ा डिजिटल नागरिक सेवा मंच

विभाग के अनुसार सेवा सेतु पोर्टल पर वर्तमान में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं। बीते ढाई वर्षों में पोर्टल पर 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 लाख से अधिक मामलों का सफल निराकरण किया जा चुका है। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित सत्यापन, ऑनलाइन भुगतान तथा एसएमएस और व्हाट्सएप आधारित सूचना जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

1273 नए मोबाइल टावर, भारतनेट फेज-III को मिली रफ्तार

वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जनवरी 2024 से अब तक 1273 मोबाइल टावर चालू किए जा चुके हैं। वहीं भारतनेट फेज-III परियोजना के तहत ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ने के लिए 3,928 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा।

AI मिशन और आईटी फेलोशिप से युवाओं को मिलेगा अवसर

राज्य सरकार ने भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ AI मिशन (CG-AIM) शुरू किया है। इसके तहत युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप और शासकीय अधिकारियों के लिए AI आधारित कौशल विकास और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं IIIT नया रायपुर के सहयोग से संचालित सीएम आईटी फेलोशिप के तहत 50 स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण और विभागीय कार्यानुभव दिया जा रहा है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ी पारदर्शिता

विभाग ने बताया कि खनिज ऑनलाइन 2.0 के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 30,311.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पारस पोर्टल, बस्तर मुन्ने पोर्टल, डिजिटल द्वार और एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (IWMMS) जैसे प्लेटफॉर्म सुशासन और निवेश को नई गति दे रहे हैं।

105.3 करोड़ की लागत से बनेंगे चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के बीच 105.3 करोड़ रुपये की लागत से चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्थापित करने के लिए समझौता हुआ है। इन केंद्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट कृषि जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा।

डिजिटल छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प

सचिव अंकित आनंद ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल प्रशासन को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक तक पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार AI, क्लाउड फर्स्ट नीति, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि विभाग की अनेक डिजिटल परियोजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *