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- छत्तीसगढ़

स्मार्ट मीटर पर सीएसपीडीसीएल का जवाब: तकनीक नहीं, बढ़ी बिजली खपत से बढ़ रहा बिल

बिजली वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं की आशंकाओं पर दी सफाई, कहा- स्मार्ट मीटर का मकसद पारदर्शी बिलिंग और बिजली उपयोग पर बेहतर नियंत्रण देना है। रायपुर। स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेशभर में चल रही चर्चाओं के बीच छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर बिजली बिल बढ़ाने का […]

बिजली वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं की आशंकाओं पर दी सफाई, कहा- स्मार्ट मीटर का मकसद पारदर्शी बिलिंग और बिजली उपयोग पर बेहतर नियंत्रण देना है।


रायपुर। स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेशभर में चल रही चर्चाओं के बीच छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर बिजली बिल बढ़ाने का माध्यम नहीं है। कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर केवल उपभोक्ता द्वारा खर्च की गई वास्तविक बिजली को रिकॉर्ड करता है, जबकि बिल में वृद्धि का कारण बढ़ी हुई बिजली खपत और निर्धारित टैरिफ स्लैब है।

उपभोक्ता के हाथ में बिजली खपत की पूरी जानकारी

सीएसपीडीसीएल के अनुसार स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उपभोक्ता अब अपनी बिजली खपत का आंकड़ा महीने के अंत में नहीं, बल्कि पूरे महीने देख सकते हैं। ‘मोर बिजली’ मोबाइल एप के जरिए हर 30 मिनट में बिजली उपयोग की जानकारी उपलब्ध होती है, जिससे बिजली की अनावश्यक खपत को समय रहते रोका जा सकता है।

बढ़ी यूनिट, इसलिए बढ़ा बिल

कंपनी ने बताया कि प्रदेश में बिजली शुल्क स्लैब आधारित व्यवस्था के अनुसार लिया जाता है। यदि किसी उपभोक्ता की मासिक खपत अधिक हो जाती है और वह अगले टैरिफ स्लैब में पहुंच जाता है, तो बिल स्वतः बढ़ जाता है। स्मार्ट मीटर केवल खपत दर्ज करता है, वह किसी प्रकार की अतिरिक्त राशि नहीं जोड़ता।

भीषण गर्मी का दिखा सीधा असर

सीएसपीडीसीएल का कहना है कि अप्रैल, मई और जून में भीषण गर्मी के कारण एसी, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों का उपयोग काफी बढ़ा। परिणामस्वरूप अधिकांश घरों में बिजली की खपत बढ़ी और इसी कारण कई उपभोक्ताओं के बिल भी पहले की तुलना में अधिक आए।

400 यूनिट पर नजर रखने में मददगार

कंपनी ने कहा कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अपनी मासिक खपत की लगातार जानकारी देता है। इससे वे बिजली उपयोग की योजना बनाकर 400 यूनिट के भीतर खपत बनाए रख सकते हैं और राज्य सरकार की हाफ बिजली योजना का लाभ भी जारी रख सकते हैं।

शिकायतों की हो रही तकनीकी जांच

सीएसपीडीसीएल के अनुसार स्मार्ट मीटर से संबंधित प्राप्त शिकायतों की जांच में अधिकांश मामलों में मीटर सही पाए गए हैं। यदि किसी उपभोक्ता को मीटर या बिल को लेकर कोई संदेह हो तो वह 1912 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकता है, जहां तकनीकी परीक्षण के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाती है।

बिजली बचत के लिए डिजिटल साधनों का करें उपयोग

कंपनी ने उपभोक्ताओं से ‘मोर बिजली’ ऐप का नियमित उपयोग करने, ऊर्जा संरक्षण अपनाने और प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने की अपील की है। कंपनी का कहना है कि डिजिटल निगरानी और ऊर्जा दक्षता से बिजली खर्च को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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