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हसदेव पर फिर आमने-सामने कांग्रेस-भाजपा, संतोष पांडेय ने भूपेश बघेल पर साधा निशाना, तारा कोल ब्लॉक को लेकर जमकर घेरा, कहा इनके आंसू देख घड़ियाल भी शर्मा जाए !

रायपुर : तारा कोल ब्लॉक और हसदेव अरण्य को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस के पुराने फैसलों पर सवाल उठाए हैं। भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने आरोप लगाया कि हसदेव और तारा […]

रायपुर : तारा कोल ब्लॉक और हसदेव अरण्य को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस के पुराने फैसलों पर सवाल उठाए हैं। भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने आरोप लगाया कि हसदेव और तारा कोल ब्लॉक को लेकर आज विरोध जताने वाली कांग्रेस ही इसके लिए जिम्मेदार रही है। उन्होंने भूपेश बघेल के रुख को राजनीतिक दोहरापन बताते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए अलग रुख और सत्ता से बाहर होने के बाद अलग बयानबाजी की जा रही है।

जयराम रमेश के फैसले का हवाला देकर कांग्रेस पर हमला

संतोष पांडेय ने तत्कालीन केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री जयराम रमेश के 23 जून 2011 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान तारा कोल ब्लॉक को स्टेज-1 की मंजूरी दी गई थी। उनका दावा है कि उसी दौर में हसदेव क्षेत्र में खनन का रास्ता खोला गया।

भाजपा नेता ने कहा कि जिन फैसलों की नींव कांग्रेस शासन में रखी गई, उन्हीं मुद्दों को लेकर अब कांग्रेस भाजपा सरकार पर सवाल उठा रही है। उन्होंने भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में रहते समय हसदेव को लेकर उनका रुख कुछ और था, जबकि अब राजनीतिक परिस्थितियां बदलने के बाद विरोध का स्वर तेज हो गया है।

“घड़ियाली आंसू बहाने से पहले अपना इतिहास देखें”

संतोष पांडेय ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि भूपेश बघेल के हसदेव को लेकर बहाए जा रहे आंसुओं से घड़ियाल भी शर्मिंदा हो जाए। उन्होंने कांग्रेस पर पर्यावरण के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि जनता को पुराने फैसलों और वर्तमान बयानों के बीच का अंतर समझना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान हसदेव में खनन को लेकर लिए गए निर्णयों पर अब सवाल उठाने से पहले कांग्रेस नेताओं को अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने कार्यकाल की नीतियों और फैसलों की जिम्मेदारी से बचने के लिए मौजूदा सरकार पर आरोप लगा रही है।

तारा कोल ब्लॉक पर भी भाजपा ने रखा अपना पक्ष

तारा कोल ब्लॉक के आवंटन को लेकर पांडेय ने कहा कि इसका आवंटन किसी बैकडोर प्रक्रिया के जरिए नहीं हुआ, बल्कि भारत सरकार की खुली और प्रतिस्पर्धी ई-नीलामी के माध्यम से हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल नीलामी होने से खनन तत्काल शुरू नहीं हो जाता। खनन से पहले निर्धारित वैधानिक और पर्यावरणीय प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है।

भाजपा सरकार के पर्यावरण दावों का भी किया उल्लेख

भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध बताते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर पौधरोपण किए जाने का दावा किया।

उन्होंने भारतीय वन सर्वेक्षण की इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट-2023 का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में वन एवं वृक्ष आवरण में वृद्धि दर्ज की गई है। उनके अनुसार राज्य के वन क्षेत्र में 684 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है।

“कांग्रेस विकास विरोधी राजनीति से बाज आए”

संतोष पांडेय ने भूपेश बघेल से हसदेव और तारा कोल ब्लॉक के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय कांग्रेस शासन के दौरान लिए गए फैसलों पर स्पष्टीकरण देने को कहा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी चाहती है और सरकार इसी संतुलन के साथ आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि तारा कोल ब्लॉक से जुड़े आगे के कार्यों में सभी जरूरी वैधानिक और पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जाना आवश्यक है। भाजपा ने कांग्रेस पर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कहा कि हसदेव पर वास्तविक बहस पुराने फैसलों और वर्तमान नीति दोनों के संदर्भ में होनी चाहिए।

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